Sanskruti Arya Gurukulam
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शनैः पन्थाः शनैः कन्था शनैः पर्वतमूर्धनि।
शनैर्विद्या शनैर्वित्तं पञ्चैतानि शनैः शनैः॥
अर्थ:
रास्ता धीरे-धीरे पार होता है, कपड़े की सिलाई धीरे-धीरे होती है, पहाड़ की चढ़ाई भी धीरे-धीरे होती है। इसी तरह विद्या (ज्ञान) और धन भी धीरे-धीरे ही प्राप्त होते हैं। इन पाँचों चीजों में धैर्य रखना अनिवार्य है।